मध्यप्रदेश / दमोह - कोपरा एनीकट की सुविधा का ला क्या नगरवासियों को इस बर्ष मिल पायेगा यह प्रश्न लगातार उपज रहा है ? ले ही जनप्रतिनिधि और संबधित विाग के अधिकारी इस बात का दम रते हों कि इस वर्ष से उक्त एनीकट से नागरिकों को पेयजल प्रदाय करना प्रारं हो जायेगा परन्तु जमीनी हकीकत कुछ और कहती नजर आती है? लगग आधे शहर की प्यास बुझाने वाला कोपरा स्टाप डेम का कार्य कछुआ की गति से चलने के कारण लगातार पिछले तीन दो वर्षो से इसी आसवासन में जनता जी रही है कि पानी अब मिलेगा लेकिन एक बर्ष में पूर्ण होने की जगह 3 बर्ष बाद भी आशंका उत्पन्न होने की बात सामने आ रही है। यह सब हो रहा है डेम में हो रहे कार्य के चलते जिसके जिसको देखने के बाद प्रश्न और शंका दोनो को उपजने से शायद ही कोर्इ रोक पाये? जानकारों की माने तो इससे बडी लापरवाही और अदुरदर्शिता का एक बडा उदाहरण इसको कहा जाये तो शायद कोर्इ अतिश्योकती निही होगी। नदी में स्थापित प्राचीन डेम के किनारे पर सिथत पंप हाऊस अब नवीन निर्माण के बाद नदी के मध्य में पहुंच चुका है जबकि इस पर डाली जा रही पार्इप लार्इन के निर्माण कार्य और गुणव पर भी प्रशन चिंह अंकित हो रहे हैं। जानकारों की माने तो पानी के बहाव में इसको बहने से शायद ही कोर्इ रोक पाये? जबकि बारिश में पानी डेम पर होने की सिथति में पंप हाऊस तक कर्मचारियों को पहुंचने में भारी असुविधा का सामना करना पडेगा जिसके चलते पेयजल की सप्लार्इ व्यवस्था में व्यवधान आने से रोकना असंव रहेगा। जानकारी के अनुसार कार्य को जल संसाधन विाग एवं नगरपालिका परिषद मिलकर कर रही है। ज्ञात हो कि कोपरा नदी पर रेल्वे बि्रज के लगग 200 मीटर अप स्ट्रीम में पी.एच.र्.विभाग द्वारा 1974 में स्टापडेम का निर्माण कराया गया था। इसका उपयोग दमोह नगर को पेयजल प्रदाय हेतु होता रहा है। गत 11 सितम्बर 2009 को तेज बर्षा एवं नगर पालिका के आलाअधिकारियों की अदूदर्शिता के कारण स्टापडेम की दांयी तट की मिठी लगग 60 मीटर कट गइ जिसके कारण नगर की जल प्रदाय योजना बंद हो गइ थी जिसके परिणाम स्वरूप रेल्वे बि्रज के दांयी तट को भी भारी क्षति पहुंची थी। साथ ही नगर की पेयजल सप्लार्इ व्यवस्था ी बाधित हो गयी थी। विष्य में इस प्रकार क्षति को रोकने एवं दमोह नगर की जल प्रदाय योजना को सुचारू रूप से चलाने हेतु ओगी. वियर का निर्माण प्रस्तावित किया गया था। योजना की प्रशासकीय स्वी—ति जल संसाधन विाग द्वारा प्रदाय की गर्इ थी। योजना पूर्ण करने हेतु टर्न एवं की पद्धति से निविदा आमंत्रित की गइ थी । प्राप्त निविदा में न्यूनतम निविदाकार्य की राशि 5 करा़ेड 29 लाख 62 हजार की प्राप्त हुर्इ । विभाग के ही अधिकारियों के अनुसार योजना के पूर्ण होने पर दमोह नगर को 70 मि.घन फीट पानी पेयजल हेतु उपलब्ध रहेगा वही रेल्वे बि्रज को ब़ाढ से क्षति नही होगी इस प्रकार की जानकारी दी गयी थी। जलसंसाधन विभाग के ही अधिकारियों के अनुसार योजना के तहत कैंचमेंट एरिया 630 वर्ग किलोमीटर, ओगीवियर की लम्बाइ 60 मीटर, वियर की उंचार्इ 7.85 मीटर, सिस्टर्न की लम्बार्इ 30 मीटर और गाइड बन्ड की लम्बार्इ 75 मीटर निर्धारित है। ज्ञात हो कि इसकी यिन्वयन एजेंसी जल संसाधन विाग है यहां यह भी उल्लेख कर देना आवश्यक हो जाता है कि स्थानीय विधायक एवं मध्यप्रदेश के जल संसाधन मंत्री जयंत कुमार मलैया द्वारा जिस कोपरा एनीकट का शिलान्यास 12 नवम्बर 2010 को किया गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार लगग 1 वर्ष में उस कार्य को पूर्ण करने की बात कही गयी थी। परन्तु तीन गुना समय के साथ ही लागत राशि के ी बढने की जानकारी सूत्रों से प्राप्त हुर्इ है? वही कार्य को देखते हुये इसका ला कितना मिल पायेगा इस बात की चर्चा इस समय जोरों पर है?
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समस्या - क्या कोपरा एनिकट से मिल पायेगा नगरवासियों को लाभ ? डा.लक्ष्मीनारायण वैष्णव
Written By Unknown on Wednesday, 12 June 2013 | 05:34
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